रतलाम

Ratlam News: रतलाम जिले में बेटा-बेटी के लव मैरिज पर माता-पिता को मिलेगी सजा, हुक्का-पानी होगा बंद

Ratlam News: रतलाम जिले में बेटा-बेटी के लव मैरिज को लेकर एक तुगलक की प्रमाण जारी हुआ है। कलेजे से लगाकर बढ़ा करने के बाद किसी का बेटा या बेटी घर से भाग जाए तो माता-पिता अंदर से टूट जाते हैं। ऐसे समय में उन्हें संबल बंधाने की जगह सामाजिक बहिष्कार जैसी सजा देना समझ से परे है। जिले की पिपलौदा ब्लॉक के गांव पंचेवा में ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में सामूहिक बैठक करके यही तुगलकी फरमान सुना दिया। बैठक मैं ऐलान कर दिया कि यदि किसी का लड़का या लड़की घर से भागकर लव मैरिज करते हैं तो उनके माता-पिता यानी परिवार का बहिष्कार किया जाएगा। सिर्फ ये ही नहीं दूध-सब्जी से वंचित करेंगे। मजदूरी पर नहीं बुलाएंगे। खेत लीज पर नहीं लेंगे। एक तरह से वो परिवार गांव की मुख्यधारा से हट जाएगा।

तुगलकी फरमान का विरोध भी हुआ जारी

रतलाम जिले में इस तुगलकी फरमान का वीडियो वायरल होते ही सवाल उठ रहे कि बच्चे यदि गलती करें तो सजा माता-पिता को क्यों और वह भी इतनी सख्त जो उन्हें झकझोर दें। बताया जा रहा है कि सालभर के दरमियान गांव से 6 युवक-युवतियों ने भागकर शादी कर ली। इनमें से 4 परिवारों को इसी बैठक में बहिष्कृत करने का फरमान जारी हुआ।

हालांकि ये फरमान उन पर लागू होगा जो लव मैरिज वाले बेटा-बेटी को अपनाएंगे। यदि वे खुद बेटा-बेटी से नाता तोड़ देंगे तो नियम लागू नहीं होगा। युवक-युवतियों के भागने की घटनाओं पर अंकुश लगाने की नीयत अच्छी हो सकती है लेकिन ये निर्णय तो गलत है। मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम सुनील जायसवाल ने जनपद सीईओ ब्रह्मस्वरूप हंस व पटवारी को गांव भेजा। इन्होंने ग्रामीणों को समझाइश दी कि 21वीं सदी में ऐसे निर्णय सही नहीं हैं।

एसडीएम का कहना है कि ऐसा फरमान बिल्कुल गलत है लेकिन समझाइश के बाद ग्रामीण मान गए हैं। एसडीओपी संदीप मालवीय ने कहा यदि पीड़ित पक्ष शिकायत करेंगे तो कार्रवाई होगी। वहीं सरपंच योगेश मईड़ा का कहना है कि सर्व समाज ने निर्णय लिया जिसका समर्थन है क्योंकि घर से भागने वाली घटनाओं से दोनों पक्ष पीड़ित होते हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगे इसलिए निर्णय हुआ। कुछ लोग आधे-अधूरे वीडियो वायरल कर भ्रांति फैला रहे हैं।

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