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Ratlam Railway Mandal: कोहरे ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार, जावरा प्लेटफॉर्म पर ठिठुरते रहे यात्री व अप-डाउनर, वीकली ट्रेनों के स्टॉपेज की जरूरत

Ratlam News: मकर संक्रांति के बाद ठंड के तेवर नरम पड़ने की उम्मीद रहती है। इस बार मौसम ने यात्रियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। गुरुवार सुबह रेलवे स्टेशन पर घना कोहरा और 11 डिग्री सेल्सियस तक गिरा तापमान यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। रेलवे ट्रैक से लेकर प्लेटफॉर्म तक कोहरे की मोटी चादर छाई रही। इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ठिठुरते हुए ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। लोगों को कहना है कि लंबे रूट की ट्रेनें कम हैं, ऐसे में वीकली सुपरफास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज भी होना चाहिए।

20 मिनट देरी से पहुंची भगत की कोठी

कोहरे का आलम यह रहा कि सुबह 7.45 बजे पहुंचने वाली भगत की कोठी एक्सप्रेस तय समय से 20 मिनट देरी से स्टेशन पर पहुंची। इसी तरह लंबी दूरी की कई ट्रेनें 15 मिनट से लेकर आधे घंटे से अधिक देरी से आईं। बता दें कि रेलवे स्टेशन से रोज 24 घंटे में 15 से अधिक यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। सोमवार को अप और डाउन दोनों दिशाओं की 12 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट पहुंचीं। चित्तौड़गढ़ रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर कोहरे का असर सबसे ज्यादा देखा गया। भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस भी 20 मिनट की देरी से पहुंची। जबकि हल्दीघाटी पैसेंजर भी लेट रही। इन देरी का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें रतलाम या अन्य बड़े स्टेशनों से आगे की कनेक्टिंग ट्रेन पकड़नी थी।

अलाव की भी व्यवस्था नहीं

सबसे बड़ी परेशानी स्टेशन पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय या वेटिंग रूम की व्यवस्था नहीं होने से हुई। सुबह-सुबह काम पर जाने वाले डेली अप-डाउनर, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवार प्लेटफॉर्म पर ठंड से बचने के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। कोहरे के कारण दृश्यता इतनी कम थी कि सिग्नल के बाद कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था।

सुपरफास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज होना चाहिए

कुलदीप बैरागी ने बताया कि वे प्रतिदिन अप-डाउन करते हैं। सुबह 6.40 बजे स्टेशन पहुंचे लेकिन ट्रेन लेट होने से उन्हें ठंड में प्लेटफॉर्म पर ही खड़ा रहना पड़ा। ट्रेन आधे घंटे देरी से चली। उन्होंने बताया कि कुछ ट्रेन वीकली चलती है लेकिन सुपरफास्ट होने के कारण उनका स्टॉपेज जावरा में नहीं है। अगर उनका स्टॉपेज कर दिया जाए तो ठंड के मौसम में यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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