MP News: देश में मप्र के किसानों की आय 23वें स्थान पर, पड़ोसी राज्यों की स्थिति बेहतर, देखिए पूरी रिपोर्ट

MP News: मध्यप्रदेश का किसान एक तरफ बढ़ते कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ उसकी आमदनी देश के निचले पायदान पर अटकी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मासिक आय के मामले में मध्यप्रदेश देश में 23वें स्थान पर है। यहां किसान की औसत मासिक आय सिर्फ 8,339 रुपये है, जो कई राज्यों से काफी कम है। पड़ोसी राज्यों की स्थिति हमसे बेहतर है। प्रदेश के किसानों के 92.49 लाख खातों पर 1.69 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण बकाया है। बीते पांच वर्षों में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ऋण वितरण में तेज बढ़ोतरी हुई है, लेकिन किसानों की आय उसी रफ्तार से नहीं बढ़ सकी। इस असंतुलन का सीधा असर कर्ज चुकाने की क्षमता पर पड़ रहा है। जहां किसानों पर लोन का दबाव बढ़ता जा रहा है, वहीं रिकवरी का बोझ खेती के खर्च और घरेलू जरूरतों दोनों को प्रभावित कर रहा है।
पांच साल में खेती का कर्ज 66% बढ़ा मध्यप्रदेश में कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंकों से लिया गया कर्ज लगातार बढ़ा है। वर्ष 2020-21 में जहां किसानों को 80,110 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था, वह 2021-22 में बढ़कर 88,292 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में यह आंकड़ा पहली बार एक लाख करोड़ के पार 1,00,076 करोड़ रुपये पहुंचा। इसके बाद 2023-24 में कृषि ऋण 1,16,397 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,33,121 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी पांच साल में खेती के लिए लिया गया कर्ज करीब 66 प्रतिशत बढ़ा, लेकिन इसी अवधि में किसानों की आय में वैसी बढ़ोतरी नहीं दिखी।
कई राज्यों में किसानों की आय मप्र से दोगुनी
देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां किसानों की मासिक कमाई मध्यप्रदेश से दोगुनी तक है। मेघालय में किसान की औसत मासिक आय 29,348 रुपये है। पड़ोसी राज्यों की बात करें तो गुजरात में किसान की मासिक आय 12,631 रुपये, राजस्थान में 12,520 रुपये, महाराष्ट्र में 11,492 रुपये और छत्तीसगढ़ में 9,677 रुपये है। पड़ोसी राज्यों में सिर्फ उत्तर प्रदेश ऐसा है, जहां किसानों की औसत मासिक आय मध्यप्रदेश से कम, 8061 रुपये है। देश में किसानों की सबसे कम मासिक आय झारखंड में दर्ज की गई है, जहां यह 4,895 रुपये प्रति माह है।


































